बैतूल दिनांक 09 नवंबर 2012
जिले में डेंगू/मलेरिया की रोकथाम हेतु 8 नवंबर को स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों द्वारा 13 नगर, ग्रामों के मकानों में सर्वेलेंस कार्य किया गया। सर्वेलेंस के दौरान बुखार रोगियों की रक्त पट्टिकाएं तैयार की गई। साथ ही जलसंग्रहों का निरीक्षण कर लार्वा नष्ट करवाया गया।
जिला मलेरिया अधिकारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार 8 नवंबर को बैतूल शहरी क्षेत्र में 6 वार्डों के 648 मकानों में सर्वेलेंस कार्य किया गया, 19 बुखार रोगियों की रक्तपट्टियां बनायी गई, 17 पेराचेक किये गये जो सभी नकारात्मक पाये गये, 1923 जलसंग्रहों को देखा गया। रोंढा (सेहरा) के 271 मकानों में सर्वेलेंस कार्य किया गया, जिसमें 8 रक्त पट्टी बनायी गई, 569 जल संग्रह देखे गये। खंडारा (सेहरा) के 204 मकानों में सर्वेलेंस कार्य किया गया, जिसमें 200 जल संग्रह देखे गये। बैतूल बाजार (सेहरा) के 176 मकानों में सर्वेलेंस कार्य किया गया, जिसमें 210 जल संग्रह देखे गये। प्रभातपट्टन के 1321 मकानों में सर्वेलेंस कार्य किया गया, जिसमें 85 रक्त पट्टी बनायी गई, 1321 जल संग्रह देखे गये। आमला के 25 मकानों में सर्वेलेंस कार्य किया गया, जिसमें 25 रक्त पट्टी बनायी गई, 25 पेराचेक किये गये, जो सभी नकारात्मक पाये गये एवं 72 जल संग्रह देखे गए व 19 मकानों में पायराथ्रम स्प्रे का छिडक़ाव किया गया। सोमगढ़ (प्रभातपट्टन) के 75 मकानों में सर्वेलेंस कार्य किया गया, जिसमें 4 रक्त पट्टी बनायी गई, 4 पेराचेक किये गये जो सभी नकारात्मक पाये गये, 27 सामान्य सर्दी-खांसी के मरीज पाये गये, जिनका उपचार किया गया एवं 85 जल संग्रह देखे गये। धनोरी (प्रभात पट्टन) के 90 मकानों में सर्वेलेंस कार्य किया गया, जिसमें 73 रक्त पट्टी बनायी गई, 73 पेराचेक किये गये, जो सभी नकारात्मक पाये गये एवं 95 जल संग्रह देखे गये। हिड़ली (आठनेर) के 195 मकानों में सर्वेलेंस कार्य किया गया, जिसमें 10 रक्त पट्टी बनायी गई, 10 पेराचेक किये गये, जो सभी नकारात्मक पाये गये एवं 310 जल संग्रह देखे गये। पानबेहरा (आठनेर) के 82 मकानों में सर्वेलेंस कार्य किया गया, जिसमें 5 रक्त पट्टी बनायी गयी, 5 पेराचेक किये गये, जो सभी नकारात्मक पाये गये, 125 जल संग्रह देखे गये। कावला (आठनेर) के 86 मकानों में सर्वेलेंस कार्य किया गया, जिसमें 4 रक्त पट्टी बनायी गई, 4 पेराचेक किये गये जो सभी नकारात्मक पाये गये, 157 जल संग्रह देखे गये। भैंसदेही के 7 ग्रामों के 459 मकानों में सर्वेलेंस कार्य किया गया, जिसमें 23 रक्त पट्टी बनाई गई, 23 पेराचेक किये गये, जो सभी नकारात्मक पाये गये एवं 530 जल संग्रह देखे गये। इसी प्रकार घोड़ाडोंगरी के 25 ग्रामों के 1036 मकानों में सर्वेलेंस कार्य किया गया, जिसमें 66 रक्त पट्टी बनायी गयी, 66 पेराचेक किये गये जो सभी नकारात्मक पाये गये, 1721 जल संग्रह देखे गये एवं 180 मकानों में पायराथ्रम छिडक़ाव कार्य किया गया। सभी स्थानों पर प्रचार-प्रसार कर डेंगू से बचाव की जानकारी दी गई। सर्वेलेंस में जिन जल संग्रहों में लार्वा पाया गया, उसे नष्ट किया गया। साथ ही लोगों को जलसंग्रह स्थल स्वच्छ रखने तथा मच्छरों से बचाव की सलाह भी दी गई।
समा. क्रमांक/43/927/11/2012

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